June 15, 2018

रिश्ते हमारे

रिश्ते हमारे
उधड़ने लगते
माँ सिल देती

-नीलू गुप्ता

May 30, 2018

पेशेवर थीं

पेशेवर थीं
दहाड़ मार रोयीं
आँखें रुदालीं

-पुष्पा मेहरा

शीत धुनकी

शीत धुनकी
फैलाती धरा पर
पाले की रुई

-पुष्पा मेहरा

तरु तन से

तरु तन से
खींच ली चुनरिया
सिसकी धरा

-मंजु मिश्रा

December 17, 2016

पिता के आँसू

पिता के आँसू
पासिंग परेड में
बेटा टापर

-जानकी वाही

रँग रही हैं

रँग रही हैं
बादलों की कूँचियाँ
सपने मेरे

-मिथिलेश बड़गेनियाँ

भाई को लाने

भाई को लाने
बेटी को भेजा स्वर्ग
माता-पिता ने

-दिनेश चन्द्र पाण्डेय

June 30, 2016

मेघ ने खोले

मेघ ने खोले
बूंदों के पैराशूट
उतरे ओले

-अभिषेक जैन

घर से दूर

घर से दूर
बढ़ा रहे हिम्मत
पिता के खत

-अभिषेक जैन

June 6, 2015

सिन्दूरी साँझ

सिन्दूरी साँझ
बतियाते रहते
टेसू के गाँछ

-योगेन्द्र वर्मा, पलाश
[फेसबुक हाइकु समूह से]