Showing posts with label * नवल किशोर नवल. Show all posts
Showing posts with label * नवल किशोर नवल. Show all posts

June 17, 2013

बरसे घन


बरसे घन
नदी ने तोड़ डाले
तट बंधन

-नवल किशोर नवल
[फेसबुक हाइकु समूह से]

June 10, 2011

डिम्ब फोड के

डिम्ब फोड के
गहन तिमिर का
चहकी भोर ।

-नवल किशोर नवल

हुई सुबह

हुई सुबह
सृष्टि करने लगी
स्वस्ति-वाचन।

-नवल किशोर नवल