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August 26, 2012

झींगा मछली


झींगा मछली
जा छिपी शैवाल में
ढूँढ़ता नभ।

-रामनिवास ‘पन्थी’
[हाइकु-१९८९ से साभार]

September 18, 2011

उछल रहे

उछल रहे
बादलों की गोद में
बाल-खरहे ।

-रामनिवास पंथी

July 19, 2011

बगुले उड़े

बगुले उड़े
आकाश बेल छूने
उन्मुक्त होने ।

-रामनिवास पंथी
('वर्तमान की आँखें' हाइकु संग्रह से)