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December 10, 2014

मेट्रो की भीड़

मेट्रो की भीड़
भाग रहे हैं लोग
सभी अकेले

-प्रियम्बरा

परछाईयाँ

परछाईयाँ
साथ नहीं छोड़तीं
उजाले तक

-प्रियम्बरा

छज्जे पे बैठी

छज्जे पे बैठी
कौओं की संसद है
चर्चा क्या होगी !

-प्रियम्बरा

October 1, 2014

ऊँघते चीड़

ऊँघते चीड़
पहाड़ों पर रात
चाँदनी साथ

-प्रियम्बरा
[फेसबुक हाइकु समूह]