July 9, 2011

अनाम गंध

अनाम गंध
बिखेर रही हवा
धान के खेत ।


डा० जगदीश व्योम

1 comment:

Anonymous said...

धान के खेतों में चलने का जिसे अनुभव होगा वह तो दीवाना ही हो जायेगा इस हाइकु कविता का।

0 उत्पल कुमार