November 21, 2011

तुम्हारी हँसी

तुम्हारी हँसी
भीगे हुए चनों में
फूटे हैं किल्ले।


--डा० सुरेन्द्र वर्मा
( 'धूप कुंदन' हाइकु संग्रह से साभार)

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