June 13, 2013

बेटी मेघों की


बेटी मेघों की
चुरा ले गई चन्दा
अकेला जो था

-डा० शैल रस्तोगी
[मेंहदी लिखे खत]

2 comments:

ARUN RUHELA said...

वाह.. ! प्रेम की कोई सीमा नहीं.. !

Sunita Agarwal said...

wahh adbhut avivyakti :)