September 29, 2013

हाँ झील हूँ मैं

हाँ झील हूँ मैं
तटों के हैं पहरे
उन्मुक्त नहीं

-आभा खरे
[फेसबुक हाइकु समूह से]

1 comment:

Mukesh Kumar Sinha said...

jheel hi to hoon main :)