March 22, 2014

दुलारता है

दुलारता है
माँ का चश्मा-चरखा
माँ के बाद भी

-वीरेन्द्र आज़म
[फेसबुक हाइकु समूह से]

1 comment:

vibha rani Shrivastava said...

बहुत पसंद आया