July 19, 2011

हाँप रही है

हाँप रही है
निढाल दोपहरी
पेड़ों के तले ।


-डा० सुधा गुप्ता
('धूप से गप-शप' हाइकु संग्रह से)

1 comment:

blogkosh said...

बहुत अच्छा हाइकु है।