October 1, 2013

टूटे पहाड़

टूटे पहाड़
बहा उत्पाती पानी
रहा उजाड़

-प्रकाश खत्री
[ फेसबुक हाइकु समूह से]

2 comments:

kiran acharya said...

Pahad rahe ujad...... Badhai.... Nic

वीरेश अरोड़ा said...

Bahut khoob Sir ji.